Connect with us

Hi, what are you looking for?

khasi-ka-gharelu-ilaaj (1)

हेल्थ

खांसी का घरेलू इलाज

खांसी का घरेलू इलाज: Home remedies for cough in hindi

खांसी होना बहुत ही सामान्य बात है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को यह हो जाती है, जरा सा मौसम में बदलाव और खांसी-जुकाम शुरु, लेकिन अगर खांसी लंबे समय तक ठीक नहीं होती तो यह चिंताजनक बात है। खांसी कई कारणों से हो सकती है यह एलर्जी की प्रतिक्रिया, वायरल संक्रमण या जीवाणु के संक्रमण या इसके अन्य भी कारण हो सकते हैं। खांसी होने पर गले में खराश और दर्द भी होने लगता है लेकिन किसी डॅाक्टर या मेडिकल की दवा से ज्यादा आप घर में ही प्राकृतिक रूप से खांसी का घरेलू इलाज कर सकते हैं

khasi-ka-gharelu-ilaaj

आज के इस लेख में हम आपको खांसी का घरेलू इलाज के बारे में बताने जा रहे हैं। ऐसे कौन से घरेलू नुस्खें है जिनकी मदद से आप खांसी में आराम पा सकते हैं। इन सबकी जानकारी आपको हमारे लेख में मिलेगी कृपया लेख को अंत तक पढ़ें।

खांसी क्या है?

आयुर्वेद के अनुसार वात, पित्त, कफ के असंतुलन के कारण खांसी होती हैं। अस्वस्थ भोजन एवं जीवनशैली के कारण शरीर में वात एवं कफ दोष होने लगते हैं। इससे खांसी होनी लगती हैं पर मुख्य रूप से यह कफ दोष के कारण ही होती है।

खांसी के प्रकार

खांसी के मुख्यतः दो प्रकार की होती है

  1. सूखी खांसी
  2. बलगम युक्त खांसी

खांसी के अन्य प्रकार में तेज खांसी और पुरानी खांसी है।
तेज खांसी ज्यादातर फ्लू या कॅामन कोल्ड के कारण होती है यह थोड़े समय के लिए ही होती है तथा पुरानी खांसी 6-8 सप्ताह तक रह सकती है। यह Allergic rhinitis, T.B. या Lung cancer और Lung infection के कारण होती है।

इन 10 तरीकों से आप खांसी का घरेलू इलाज कर सकते हैं

1- गर्म पानी

खांसी में आप जितना हो सके गर्म पानी पिये। गर्म पानी पीने से आपके गले में जमा कफ खुलेगा और आप सुधार महसूस करेंगे।

2- शहद, नींबू और इलायची का मिश्रण

शहद का सेवन खांसी-जुकाम में काफी लाभदायक होता है। आधा चम्मच शहद में एक चुटकी इलायची पाउडर और कुछ बूंद नींबू का रस डालिये। इस मिश्रण का सेवन दिन में दो बार करें ।

3- हल्दी वाला दूध

बचपन में हमें सर्दियों में हल्दी वाला दूध दिया जाता था क्योंकि हल्दी में एंटीआॅक्सीडेंट्स होते हैं जो कीटाणुओं से हमारी रक्षा करते हैं। हल्दी कई मायनों में लाभदायक है इसमें एंटी बैक्टीरियल और एंटी वायरल प्रापर्टीज मौजूद रहती है जो कि हमें संक्रमण से बचाती है। रात में सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीने से खांसी में आराम मिलता हैं

4- काली मिर्च

किसी भी खांसी का उपचार काली मिर्च द्वारा किया जा सकता है। यह आपके सीने की जकड़न को खोलता है और जमे हुए कफ को बाहर निकालता है। काली मिर्च धीरे-धीरे चबाएं निगले नहीं उसके ऊपर एक चम्मच शहद खा लें, फिर काली मिर्च को निगल लें। यदि काली मिर्च के कड़वे स्वाद के कारण आप इसे नहीं चबा पा रहे है तो दो से तीन काली मिर्च को एक गिलास दूध में मिलाकर पी लें।

5- खांसी में तुलसी का उपयोग

तुलसी की पत्तियों को पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर पिएं।
तुलसी की पत्तियों का रस और अदरक का रस का मिश्रण तैयार कर लें और इसे शहद से खाएं।
श्याम काली तुलसी के रस को शहद में मिलाकर खाने में खांसी में आराम मिलता हैं।

6- अदरक का काढ़ा

अदरक के रस में शहद मिलाकर दिन में दो बार इसका सेवन करें।
एक छोटी चम्मच पिसी हुई अदरक, एक चम्मच मेथी दाना और 6 काली मिर्च ले इन सभी को दो कप पानी में उबाल लें इसे तब तक उबाले जब तक यह एक कप न रह जाए। इस काढ़े को दिन में तीन वार पिएं।

7- प्याज

खांसी के इलाज में प्याज भी अत्यंत लाभकारी है। कटी हुई प्याज का रस पीने से बलगम ढीला हो जाता है और सीने की जकड़न कम हो जाती है। एक से दो छोटी चम्मच प्याज के रस में गुड़ मिलाएं तथा पैन में गर्म करें। जब यह गाढ़ा होने लगा तब गैस बंद कर दे और ठंडा कर लें इसको दिन में तीन बार लें।

8- बादाम

बादाम के वैसे तो कई फायदे हैं लेकिन गीली खांसी में यह बेहद फायदेमंद हैं 8-10 बादाम रात को पानी में भिगो दें। सुबह इन्हें छीलकर पीस लें और इसमे थोड़ा सा मक्खन और चीनी मिला दें। इसका सेवन दिन में तीन बार करने से गीली खांसी में आराम मिलेगा।

9- कफ वाली खांसी में सरसों का प्रयोग

सरसों के बीज में सल्फर मौजूद होता है जो जमे हुए कफ को बाहर निकालने में मदद करता है। एक चम्मच सरसों के बीज को गर्म पानी में उबाल लें। जब पानी उबल जाए तो इस पानी को थोड़ा ठंडा करके पिये।

10- खांसी के घरेलू इलाज में गिलोय ओर मुलेठी का उपयोग

मुलेठी का चूर्ण खांसी में रामबाण सिद्ध होता है दो चम्मच मुलेठी के चूर्ण को दो से तीन गिलास पानी में डालकर उबालें और 10-15 मिनट तक इसकी भाप लें। इसी प्रकार गिलोय का प्रयोग करने से पुरानी खांसी का इलाज होता है। गिलोय के रस को नियमित रूप से खाली पेट पिये पुरानी से पुरानी खांसी भी इस घरेलू नुस्खे से ठीक हो जाएगी।

खांसी में आपका खान-पान

khasi-ka-gharelu-ilaaj

खांसी में आपको क्या खाना है क्या नहीं इस बात का आपको विशेष ध्यान रखना है नहीं तो यह ज्यादा गंभीर बीमारी के रूप में उजागर हो सकती है। नीचे हम आपको खांसी में खाने-पीने से संबंधित महत्वपूर्ण बातें बताने जा रहे हैं।

  1. अनानास का सेवन करें क्योंकि इसमे ब्रोमेलेन एंजाइम पाया जाता है, जो खांसी को बढ़ने से रोकता है और बलगम को ढीला करता है।
  2. खांसी में गर्म पानी तथा गर्म भोजन खाएं।
  3. शहद का सेवन दिन में 3-4 बार करें यह बच्चों को खांसी में आराम देता है।
  4. भोजन में सब्जियों के सूप का सेवन करे यह बहुत लाभदायक होता है तथा खांसी में जल्द आराम देता है। सूप में काली मिर्च डालकर सेवन करें।
  5. भोजन में प्याज और लहसुन का भी अधिक सेवन करें। यह म्यूकस के उत्पादन को कम करता है।

खांसी में क्या परहेज करें?

खांसी में निम्नलिखित का परहेज करें

  • खांसी में बासी भोजन का सेवन बिल्कुल न करें।
  • ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। कोल्ड्रिंक, बर्फ का पानी, आइसक्रीम इत्यादि के सेवन से खांसी में तीव्रता आ सकती है।
  • तैलीय व मसालेदार भोजन का सेवन न करें।
  • अगर किसी व्यक्ति को विशेष खाद्य पदार्थ से एलर्जी है तो ऐसी चीजों को सेवन बिल्कुल बंद कर दें।
  • शोध के अनुसार, फलों में केलें, स्ट्राबेरी और पपीता का सेवन हिस्टामाइन के स्तर को बढ़ा सकते हैं जिससे म्यूकस अधिक बनता है।

डॅाक्टर के पास कब जाएं?

अगर खांसी लंबे समय से है और घरेलू उपचारों के बाद भी यह ठीक नहीं हो रही तो ऐसी स्थिति में आपको डॅाक्टर से संपर्क करना चाहिए। निम्न परिस्थितियों में आपको चिकित्सकीय सलाह की जरूरत है।

  • अगर आपको तीन हफ्ते से अधिक समय से खांसी है।
  • अगर आपकी खांसी बढ़ती जा रही है और किसी भी उपचार से ठीक नहीं हो रही।
  • अगर आपकी खांसी में खून आ रहा है या सांस लेने में तकलीफ हो रही तो ऐसी स्थिति में आपको तुरंत डॅाक्टर से संपर्क करने की आवश्यकता हैं।
  • अगर आप सीने में दर्द का अनुभव करते हैं।
  • आप में कोई असामान्य लक्षण हों जैसे लगातार वजन का कम होना या आवाज में परिवर्ततन।
  • यदि आपके डॅाक्टर खांसी का कारण नहीं जान पा रहा है तो वह आपको अस्पताल में विशषज्ञ के पास भेज सकता है।
  • अस्पताल में कुछ परीक्षण किये जा सकते हैं। जैसे छाती का एक्स-रे, एलर्जी परीक्षण, संक्रमण की जांच के लिए आपके कफ का नमूना भी लिया जा सकता है।

निष्कर्श

आज के पोस्ट में हमने खांसी के घरेलू इलाज के बारे में विस्तृत जानकारी दी है तथा खांसी के प्रकार और खांसी में किन चीजों का परहेज करना है यह सब भी बताया है। आशा करते है कि आपको हमारा लेख पसंद आया होगा और आप इस अपने मित्रों के साथ शेयर करेंगे।
धन्यवाद,

यह भी पढ़ें-  चांद धरती से कितना दूर है

 मेरे पास के किराये के मकान

2 Comments

2 Comments

  1. Pingback: etrain क्या है ?

  2. Pingback: mera-parivar-haryana-पहचान-पत्र-कैसे-बनवाएं

Leave a Reply

Your email address will not be published.

You May Also Like

ब्लॉग

Prerna Up:- शिक्षा व्यवस्था को सुधरने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा mission prerna up .in की शुरुआत की गयी थी। ये मिशन सफल...

लखनऊ

भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की राजधानी lucknow है। जिसे दुनियाभर में नवाबों के शहर के नाम से जाना जाता है। लखनऊ...

ब्लॉग

चांद धरती से कितना दूर है| Chand dharti se kitna door hai? हम सभी जानते हैं कि आज चांद पर पहुंचना मात्र कल्पना नहीं...

धर्म

Pradhan Mantri Awas Yojana 2022: आज इस लेख में हम विस्तार पूर्वक प्रधानमंत्री आवास योजना (pmay) के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। हम जानेंगे...